Rajendra Prasad Ghat Varanasi:मौर्य कालीन घाट जिसे घोड़ा घाट कहते थे जानिए क्यों

राजेंद्र प्रसाद घाट वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों में से एक है। यहाँ स्थान इतिहास से ही वाराणसी में विशेष महत्व रखता है।

Address: राजेंद्र प्रसाद घाट मान मंदिर के निकट, बंगाली टोला, वाराणसी, उत्तरप्रदेश में स्थित है।

राजेंद्र प्रसाद घाट इतिहास

राजेंद्र प्रसाद अत्यंत प्राचीन घाट है। इस घाट को प्राचीन काल में घोड़ा घाट के नाम से भी जाना जाता था। इतिहासकारों के अनुसार इस घाट पर मौर्य काल के समय से ही घोड़े की खरीद और बिक्री का काम किया जाता था। भारत की आजादी के समय तक इस घाट पर घोड़े की खरीद और बिक्री की जाती थी। इस लिए इस घाट को घोड़ा घाट के नाम से जाना जाता था। 

वर्ष 1984 में भारतीय सरकार जब वाराणसी के सभी घाटों का पुनःनिर्माण करवा रही थी, तब इस घाट को भी पक्का करवाया गया था। भारत सरकार द्वारा इस घाट पर डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा स्थापित की गई और इस घाट को राजेंद्र प्रसाद घाट का नाम दिया गया। 

राजेंद्र प्रसाद घाट के निकट मुख्य आकर्षण

राजेंद्र प्रसाद घाट के निकट घूमने के लिए अनेक स्थान है। यह सभी स्थान राजेंद्र प्रसाद घाट के निकट आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

  • मान मंदिर 
  • त्रिलोचन मंदिर     
  • भारत माता मंदिर
  • भारत कला भवन 

राजेंद्र प्रसाद घाट घूमने का उत्तम समय

राजेंद्र प्रसाद घाट पर चैत्र नवरात्रो, शारदीय नवरात्रो और कार्तिक माह के अवसर पर यहाँ आ सकते है। इस समय यहाँ अलग ही रौनक होती है। इन सभी के अतिरिक्त हिन्दू पर्वो आदि विशेष अवसरों पर पवित्र स्नान के लिए भी यहाँ आ सकते है।

कैसे पहुंचे राजेंद्र प्रसाद घाट

बस द्वारा, चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से राजेंद्र प्रसाद घाट पंहुचा जा सकता है। चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से राजेंद्र प्रसाद घाट  की दूरी 4 किलोमीटर है।

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