Dharamshala in Varanasi Near Dashashwamedh Ghat

Varanasi को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। पवित्र गंगा नदी Kashi Vishwanath Temple के निकट से बहती है, जो भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

Dashashwamedh Ghat काशी के प्रमुख घाटों में से एक है। मान्यता है कि इस घाट का निर्माण ब्रह्मा जी ने भगवान भोलेनाथ के स्वागत के लिए किया था और उन्हें प्रसन्न करने हेतु यहाँ महायज्ञ संपन्न किया था।

वाराणसी की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती इसी घाट पर आयोजित होती है, जिसे देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक एकत्रित होते हैं। हर तीर्थयात्री की इच्छा होती है कि वह दशाश्वमेध घाट के समीप ठहरे और इसकी दिव्य एवं भव्य छटा का दर्शन करे।

तो चलिए जानते है दशाश्वमेध घाट के पास बने हुए कुछ प्रमुख धर्मशालाओ के बारे मे (Dashaswamedha ke pas Dharamshala) –

1-Shri Mati Kamla Devi Budhia Dharamshala -श्री मति कमला देवी बुढ़िआ धर्मशाला

यह धर्मशाला वाराणसी के सस्ते धर्मशालाओ मे से एक है। यहाँ पर पार्किंग और भोजन की सुविधा नही उपलब्ध है।यह धर्मशाला काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट के बीच मे स्थित है।

यहाँ पर आपको सिंगल रूम 500₹ मे मिल जायेगा।

यहाँ से गंगा के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की दूरी मात्र 240 मी० है। धर्मशाला की छत से पूरी काशी नगरी का बहुत ही अलौलिक दृश्य देखने को मिलता है धर्मशाला के दरवाजे यात्रियों के लिए सुबह 5 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक खुले रहते है।

पता दशाश्वमेध घाट रोडगोदौलियावाराणसी है।

2- Shri Kashi Gayatri Ashram-श्री काशी गायत्री आश्रम

यह आश्रम काशी आये हुए यात्रियों को आश्रय देने का काम करता है। यहाँ पर ए० सी० और बिना ए० सी० दोनों तरह के कमरे उपलब्ध है। यहाँ पर भोजन और पार्किंग की सुविधा नही उपलब्ध है।

आश्रम मे चेक इन और चेक आउट 24 घंटे के आधार पर होता है। आश्रम के दरवाजे यात्रियों के लिए सुबह 4 बजे से लेकर रात के 10:30 तक खुले रहते है।

Address: यह आश्रम रामपुरा कॉलोनीलक्सा रोडवाराणसीमे स्थित है। यहाँ से दशाश्वमेध घाट मात्र 900 मी० की दूरी पर स्थित है।

3- अतिथि गृह श्री किशन बेरीवाला स्मृति भवन -Atithi Gruh Shree Kishan Beriwala Smruti Bhavan

श्री किशन बेरी वाला स्मृति भवन एक धर्मशाला और अतिथि गृह है। इसका निर्माण किशन बेरी वाला जी की स्मृति मे लोक कल्याण हेतु किया गया था।

धर्मशाला के कमरे साफ और सुथरे है। यहाँ पर शुद्ध पेय जल और शुद्ध भोजन की सुविधा उपलब्ध हैपर यहाँ पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नही है। यहाँ पर ए० सी० और बिना ए० सी० दोनों तरह के रूम उपलब्ध है। धर्मशाला मे चेक इन और चेक आउट का समय 7 बजे सुबह का है।

Address: यह धर्मशाला डी – 48/141 मिशिर पोखरालक्सा रोडवाराणसी मे स्थित है।

यहाँ से दशाश्वमेध घाट की दूरी मात्र 950 मी० है।

4-Sri Adichunchanagiri Mahasamsthana Math -श्री अदिचुंचनगिरि महासंस्थाना मठ

यह मठ वाराणसी के कुछ सबसे पुराने मठों मे से एक है। यहाँ पर काशी आये हुए श्रधालु जनो के रुकने का भी प्रबंध है। श्रधालु जनो को मठ मे बहुत ही कम दरों पर कमरे प्रदान किये जाते है।

यहाँ पर 24 घंटे के आधार पर चेक इन और चेक आउट की सुविधा उपलब्ध है। पर यहाँ पर पार्किंग और भोजन की सुविधा उपलब्ध नही है।

Address: यह मठ मणि कर्णिका घाट रोडवाराणसी मेदशाश्वमेध घाट से मात्र 700 मी० की दूरी पर स्थित है।

5-Shri Sanatan Gaudiya Math -श्री सनातन गौड़ीय मठ

श्री सनातन गौड़ीय मठ काशी मे आये हुए श्रधालु जनो को बहुत ही किफायती दरों मे अपनी सुविधाए दे रहा है। यहाँ पर पार्किंग और भोजन की सुविधा नही है। यहाँ पर समूह यात्रियों के लिए हॉल भी मिलते है जिसमे कॉमन बाथरूम होता है।

यह मठ बी -8 / 17, एलआईसी जिला कार्यालय के पास, तेलूपुरा पुलिस स्टेशन, सोनारपुरा, वाराणसी मे स्थित है और यहाँ से दशाश्वमेध घाट की दूरी मात्र 1.4 किमी० है।

निष्कर्ष

Dashashwamedh Ghat काशी का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख घाट माना जाता है। यहाँ गंगा तट पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आते हैं। हर शाम इस घाट पर होने वाली गंगा आरती का दृश्य अत्यंत भव्य और अलौकिक होता है, जो लगभग 45 मिनट तक चलता है। इस दिव्य आरती को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुँचते हैं। कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति भी इस गंगा आरती के साक्षी बन चुके हैं, जिससे इसकी ख्याति और भी बढ़ी है। इसी कारण Varanasi आने वाले अधिकांश यात्री दशाश्वमेध घाट के आसपास ठहरना पसंद करते हैं। यहाँ हर बजट के अनुसार सस्ते से लेकर महंगे होटल उपलब्ध हैं। घाट के आसपास अनेक होटल, धर्मशालाएँ, गेस्ट हाउस और लॉज आसानी से मिल जाते हैं।साथ ही, यहाँ कई शुद्ध भोजनालय भी हैं जहाँ आप बनारसी, साउथ इंडियन और चाइनीज व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं।

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