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ToggleThatheri Bazar in Varanasi-ठठेरी बाजार वाराणसी
ठठेरी बाजार वाराणसी के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बाजारों में से एक माना जाता है। “ठठेरी” शब्द “ठठेरा” से बना है, जिसका अर्थ होता है धातु के बर्तन बनाने वाला कारीगर। इसी कारण इस बाजार का नाम ठठेरी बाजार पड़ा।
यह बाजार विशेष रूप से पीतल और अन्य धातुओं से बने बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रकार के पीतल, तांबे और कांसे के बर्तन, सजावटी सामान और आभूषण आसानी से मिल जाते हैं। अपनी इसी खासियत के कारण ठठेरी बाजार को पीतल के खजाने के रूप में भी जाना जाता है।
इस बाजार की संकरी गलियों में वाराणसी के अनेक कारीगर, लुहार और कांस्यकार अपनी दुकानें लगाए रहते हैं। उनकी दुकानों पर पारंपरिक तरीके से बनाए गए बर्तन और कलात्मक वस्तुएं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती हैं।
यही वजह है कि जो भी पर्यटक वाराणसी घूमने आता है, वह यहां की पारंपरिक खरीदारी के लिए ठठेरी बाजार जरूर जाता है।
पता: ठठेरी बाजार, वाराणसी, उत्तर प्रदेश। यह क्षेत्र शहर के प्रमुख बाजारों में से एक है और यहां तक शहर के विभिन्न हिस्सों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
ठठेरी बाजार के मुख्य आकर्षण
ठठेरी बाजार केवल बर्तनों का बाजार ही नहीं, बल्कि यह वाराणसी का एक प्रसिद्ध सर्राफा बाजार भी है। इसी कारण यहां पीतल के साथ–साथ चांदी और सोने से बने बेहद खूबसूरत बर्तन भी देखने और खरीदने को मिल जाते हैं। इसके अलावा यहां मीनाकारी के काम वाले बर्तन भी बड़ी संख्या में मिलते हैं, जिनकी कारीगरी पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करती है।
इस बाजार की एक और खासियत है यहां के बर्तनों पर की जाने वाली सुंदर नक्काशी। स्थानीय कारीगर बड़ी मेहनत और कौशल से बर्तनों पर बारीक नक्काशी करते हैं, जो इस बाजार की पारंपरिक कला को दर्शाती है।
बर्तनों के अलावा यहां देवी–देवताओं की मूर्तियां, मंदिरों की घंटियां, घर की सजावट की वस्तुएं, हाथ से बने कालीन और मिट्टी के खिलौने भी मिलते हैं। ये सभी चीजें स्थानीय कारीगरों की कला और परंपरा की झलक दिखाती हैं।
ठठेरी बाजार में केवल धातु के बर्तन ही नहीं, बल्कि खाने–पीने की कई पारंपरिक चीजें भी मिलती हैं। यहां के अचार और पापड़ भी काफी प्रसिद्ध हैं, जिनका स्वाद लोगों को बहुत पसंद आता है।
इसके साथ ही ठठेरी बाजार की गलियों में वाराणसी का असली स्वाद भी छुपा हुआ है। यहां आपको बनारस की प्रसिद्ध मलइयो, कचौरी–सब्जी और गरमा–गरम जलेबी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन चखने को मिल जाते हैं।
ठठेरी बाजार की गलियां पान की दुकानों से भी भरी हुई हैं। इन दुकानों पर आपको असली बनारसी पान का स्वाद चखने का अवसर मिलता है, जो वाराणसी की पहचान का एक अहम हिस्सा है।
बाजार खुलने का समय
वाराणसी का ठठेरी बाजार सप्ताह के सातो दिन खुलता है।
कैसे पहुंचे ठठेरी बाजार
ठठेरी बाजार वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर दूर है। वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से रिक्सा या ऑटो लेकर आसानी से ठठेरी बाजार पंहुचा जा सकता है।