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ToggleThings to Do in Varanasi- पर्यटक वाराणसी में क्या क्या देखे या करे
गंगा, वरुणा और अस्सी नदियों के संगम क्षेत्र में बसा Varanasi भारत का एक अत्यंत प्राचीन और सुंदर शहर है। यह शहर अपनी समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक वातावरण और धार्मिक परंपराओं के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। वाराणसी को काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है और इसे हिंदू धर्म के सबसे पवित्र नगरों में से एक माना जाता है।
वाराणसी की पहचान मुख्य रूप से इसके ऐतिहासिक घाटों और प्राचीन मंदिरों से जुड़ी हुई है। यहां बहने वाली पवित्र Ganges River के तट पर बने घाटों पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्नान, पूजा और ध्यान के लिए आते हैं। धार्मिक महत्व के कारण हर वर्ष देश–विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं।
हालांकि वाराणसी केवल घाटों और मंदिरों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए कई रोचक गतिविधियां भी हैं, जिन्हें अनुभव करना यात्रा को और भी खास बना देता है। गंगा आरती देखना, नाव की सवारी करना, पुराने बाजारों में खरीदारी करना और बनारसी व्यंजनों का स्वाद लेना ऐसी ही कुछ गतिविधियां हैं, जिन्हें वाराणसी आने वाले पर्यटकों को जरूर करना चाहिए।
वाराणसी में करने योग्य गतिविधियां- Unique things to do in Varanasi
1: संध्या गंगा आरती (Evening Ganga Aarti in Varanasi)
Varanasi की यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक आप यहां होने वाली संध्या आरती के साक्षी न बनें। वाराणसी में गंगा तट पर होने वाली शाम की आरती श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जीवन का एक अद्भुत और यादगार अनुभव होती है।
संध्या के समय जब पवित्र Ganges River के किनारे आरती की तैयारी शुरू होती है, तो पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से भर जाता है। आरती के दौरान पुजारी पीतल के कई मंज़िला दीपकों को प्रज्वलित कर विधिपूर्वक गंगा मां की पूजा करते हैं। इस दौरान मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटियों की आवाज पूरे वातावरण को दिव्य बना देती है।
हजारों दीपों की रोशनी, गंगा की लहरों पर पड़ती उनकी चमक और श्रद्धालुओं की आस्था मिलकर ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती है, जिसे देखने के बाद हर व्यक्ति अपने आप को आध्यात्मिक अनुभव से भरा हुआ महसूस करता है। यही कारण है कि वाराणसी आने वाले लगभग हर पर्यटक के लिए संध्या आरती देखना एक विशेष आकर्षण होता है।
स्थान – दश्वामेध घाट
2: नाव की सवारी (Boat Ride in Varanasi)
वाराणसी में नाव की सवारी करना एक बेहद खास अनुभव प्रदान करता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय नाव की सवारी करना वाराणसी का सर्वोत्कृष्ट अनुभव है.
स्थान – गंगा घाट
3: वाराणसी के बाजारों में खरीददारी ( Shopping in Varanasi Markets )
Varanasi शहर में कई प्रसिद्ध और पुराने बाजार स्थित हैं, जहां विभिन्न प्रकार की वस्तुएं उचित दामों पर आसानी से मिल जाती हैं। वाराणसी अपने पारंपरिक हस्तशिल्प और विशेष उत्पादों के लिए पूरे देश और दुनिया में जाना जाता है।
यहां के बाजारों में रेशमी ज़री से सजी बनारसी साड़ियां और कपड़े, खूबसूरत आभूषण, पीतल के बर्तन, पीतल की मूर्तियां, लकड़ी से बने सजावटी सामान और कई प्रकार की हस्तनिर्मित वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। इन वस्तुओं में स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक कला और वर्षों पुरानी कारीगरी की झलक साफ दिखाई देती है।
वाराणसी के बाजारों में घूमना और यहां की दुकानों से खरीददारी करना अपने आप में एक खास अनुभव होता है। संकरी गलियों में सजी रंग–बिरंगी दुकानों, पारंपरिक वस्तुओं और स्थानीय संस्कृति के बीच घूमते हुए पर्यटकों को इस शहर की असली पहचान और जीवंतता का अनुभव होता है।
स्थान – गौदौलिया मार्किट,विश्वनाथ गली आदि
4: स्ट्रीट फ़ूड का स्वाद (Taste Street Food in Varanasi)
वाराणसी में मिलने वाले व्यंजन का स्वाद सम्पूर्ण विश्व में कही नहीं मिलेगा. वाराणसी का चटपटा ज़ायकेदार व्यंजन पर्यटकों के मन को बहुत भाता है.
वाराणसी की कचौड़ी, मलइयो , टमाटर चाट , चूड़ा मटर का स्वाद सिर्फ वाराणसी की गलियों में ही मिलेगा और कही नहीं.
स्थान – राम कचौड़ी, दीना चाट भंडार , मार्कण्डेय मिष्ठान आदि.
5: वाराणसी के घाटों की सैर ( Walk on Ghats)
वाराणसी में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घाटों की सैर करना एक बेहद सुखद अनुभव प्रदान करता है. वाराणसी में करीब 100 से अधिक घाट है. सभी घाटों पर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय एक मनोरम दृश्य होता है.
स्थान – वाराणसी के विभिन्न घाट
6: वाराणसी का मधुर संगीत सुने (Listening Classical Music)
वाराणसी शहर को संगीत का शहर कहा जाता है. वाराणसी से कई संगीत घरानों की शुरुआत हुई है जैसे की सितार वादक रविशंकर, शहनाई वादक बिश्मिल्लाह खान , पंडित किशन महाराज आदि. आज भी वाराणसी में प्राचीन संगीत सुनने के लिए मिल जायेगा. यदि वाराणसी आये तो यहाँ का संगीत अवश्य सुने.
स्थान – विभिन्न मंदिर ,घाट , प्रदर्शन आदि
7: गंगा नदी में स्नान ( Holy Bath in Ganga)
वाराणसी आने पर यदि गंगा नदी में स्नान नहीं किया तो यहाँ आना व्यर्थ है. हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है. ऐसा कहा जाता है की पवित्र गंगा नदी में स्नान से सभी पाप नष्ट हो जाते है.
स्थान – गंगा नदी के विभिन्न घाट
8: वाराणसी के पान का स्वाद (Taste Varanasi Paan)
Varanasi आने पर यहां के प्रसिद्ध बनारसी पान का स्वाद जरूर चखना चाहिए। बनारसी पान का स्वाद पूरे भारत में मिलने वाले पान से काफी अलग और खास माना जाता है। यही कारण है कि वाराणसी का पान देश–विदेश के पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।
यहां पान को बड़े ही खास तरीके से तैयार किया जाता है। पान के पत्ते में चूना, गुलाब की चटनी, कत्था, सुपारी और कई तरह की सुगंधित सामग्री मिलाकर इसे बनाया जाता है। इसके बाद इसे खूबसूरती से मोड़कर परोसा जाता है।
बनारसी पान का स्वाद बेहद लाजवाब होता है और इसे खाने के बाद एक अलग ही ताजगी महसूस होती है। वाराणसी की गलियों में जगह–जगह पान की दुकानें दिखाई देती हैं, जहां आपको असली बनारसी पान का स्वाद आसानी से मिल जाएगा। यही वजह है कि वाराणसी की यात्रा बनारसी पान के स्वाद के बिना अधूरी मानी जाती है। 🌿
स्थान – रामचंद्र चौरसिया पान भण्डार