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ToggleAdi Keshava Mandir Varanasi- आदि केशव मंदिर
Adi Keshava Temple गंगा और वरुणा नदियों के संगम पर स्थित एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह स्थान Adi Keshava Ghat के नाम से जाना जाता है, जिसे आजकल Raj Ghat भी कहा जाता है।
जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, यह मंदिर Adi Keshava को समर्पित है, जिन्हें Vishnu भगवान का एक स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पवित्र संगम पर स्नान करके पूजा–अर्चना करने से मनुष्य को जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आत्मा को पवित्रता की अनुभूति होती है।
Address Of Aadi Keshav Temple | आदि केशव मंदिर का पता
आदि केशव मंदिर, राज घाट के पास, वाराणसी, उत्तर प्रदेश, 221001, भारत
Timing Of Aadi Keshav Temple | आदि केशव मंदिर का समय
आदि केशव मंदिर सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुलता है फिर शाम को 4 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है, आरती का समय समान्यता सुबह 7 बजे और शाम की आरती 8 बजे होती है मगर आरती का समय बदलता रहता है.
History Of Aadi Keshav Temple | आदि केशव मंदिर का इतिहास
कहा जाता है कि Adi Keshava Temple वाराणसी के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। मान्यता के अनुसार इसकी स्थापना लगभग 2000 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है, इसलिए इसे हजारों वर्ष पुराना मंदिर भी कहा जाता है।
हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार जब Vishnu भगवान पृथ्वी पर प्रकट हुए थे, तब उन्होंने अपना पहला कदम इसी स्थान पर रखा था और अपने चरणों के निशान यहाँ छोड़े थे। इसी पवित्र स्थान पर Adi Keshava की मूर्ति स्थापित मानी जाती है।
‘आदि केशव’ नाम का अर्थ भी इसी से जुड़ा है—यहाँ ‘आदि’ का अर्थ है प्रारंभ या शुरुआत, और ‘केशव’ भगवान विष्णु का एक नाम है। इस प्रकार यह स्थान भगवान विष्णु के प्रारंभिक प्रकट होने से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है।
Architecture Of Aadi Keshav Temple | आदि केशव मंदिर की वास्तुकला
Adi Keshava Temple का प्रारंभिक निर्माण प्राचीन गढ़वाल काल में कराया गया माना जाता है। वर्तमान में जो मंदिर दिखाई देता है, उसका पुनर्निर्माण मराठा शासन के समय ग्वालियर के शासक Daulat Rao Scindia के दिवान माधो राव द्वारा करवाया गया बताया जाता है।
इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ एक ही परिसर और छत के नीचे चार मंदिर स्थित हैं—Adi Keshava, Gyan Keshava, Sangameshwar और पंचदेवता का मंदिर।
मंदिर के रंगमंडप (दालान) में लाल पत्थरों से बने सुंदर स्तंभ हैं, जिन पर आकर्षक कारीगरी की गई है। इसके अलावा मंदिर की बाहरी दीवारों पर भी सुंदर शिल्पकारी देखने को मिलती है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान आदि केशव की मूर्ति स्थापित है, जबकि अन्य मंदिरों में ज्ञानकेशव और संगमेश्वर की प्रतिमाएँ स्थापित हैं। चौथा मंदिर पंचदेवताओं को समर्पित माना जाता है।