Nepali Temple Varanasi : वाराणसी में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर या नेपाली मंदिर

वाराणसी में वैसे तो अनेक पवित्र मंदिर और तीर्थ स्थल हैं, लेकिन गंगा तट पर स्थित Nepali Temple अपनी अलग पहचान रखता है। यह मंदिर Lalita Ghat पर स्थित भगवान शिव का एक प्राचीन और आकर्षक मंदिर माना जाता है।

19वीं सदी में बने इस मंदिर की वास्तुकला काफी अनोखी है। यहाँ से गंगा और वाराणसी के सुंदर दृश्यों का आनंद भी लिया जा सकता है। इस मंदिर की बनावट Pashupatinath Temple की शैली से प्रेरित है, इसलिए इसे देखकर काठमांडू के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की याद आती है।

लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक नेपाली शैली में बना यह मंदिर काशी के दर्शनीय स्थलों में विशेष स्थान रखता है। इस मंदिर के रखरखाव और देखभाल की जिम्मेदारी आज भी Government of Nepal द्वारा निभाई जाती है।

History of Nepali Temple Varanasi |नेपाली मंदिर वाराणसी का इतिहास

इतिहास के अनुसार, जब Rana Bahadur Shah किसी कारणवश वाराणसी में आकर रहने लगे, तब उन्होंने यहाँ भगवान Shiva का एक भव्य मंदिर बनवाने का निर्णय लिया। उनकी इच्छा थी कि यह मंदिर काठमांडू के प्रसिद्ध Pashupatinath Temple की तर्ज पर बनाया जाए।

इसी उद्देश्य से Nepali Temple का निर्माण सन् 1806 में शुरू कराया गया। लेकिन बाद में जब Rana Bahadur Shah नेपाल लौटे, तो उनकी हत्या हो गई और मंदिर का निर्माण कार्य अधूरा रह गया। इसके बाद उनके पुत्र Girvan Yuddha Bikram Shah ने इस निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया और सन् 1843 में मंदिर का निर्माण पूरा करवाया। इस प्रकार इस मंदिर को पूर्ण रूप से तैयार होने में लगभग 30 वर्षों का समय लगा।

Architecture of Nepali Temple Varanasi | नेपाली मंदिर वाराणसी की अद्भुत बनावट

Nepali Temple नेपाली वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण माना जाता है। इस मंदिर के निर्माण के लिए विशेष रूप से नेपाल से कारीगरों को बुलाया गया था। उन्होंने नेपाल से मंगाई गई लकड़ी, टेराकोटा और पत्थर जैसी सामग्री का उपयोग करके इस मंदिर का निर्माण किया। लकड़ी के व्यापक उपयोग के कारण इसे काठवाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

मंदिर के आसपास लगे इमली और पीपल के पेड़ यहाँ आने वाले लोगों को ताज़ी हवा और शांति का अनुभव कराते हैं। मंदिर की लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी और उकेरी गई मूर्तियाँ देखने में बेहद आकर्षक हैं। इन कलाकृतियों को देखकर कई लोगों को Khajuraho Temples की शिल्पकला की याद आती है, इसलिए कभीकभी इस मंदिर को छोटा खजुराहो मंदिर भी कहा जाता है।

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नेपाली शैली के अनुसार एक बड़ा घंटा लगाया गया है। अंदर दक्षिण दिशा की ओर Nandi की प्रतिमा स्थापित है, और गर्भगृह में भगवान Shiva का शिवलिंग स्थापित है, जहाँ भक्त श्रद्धा से पूजाअर्चना करते हैं।

Address of Nepali Temple Varanasi | नेपाली मंदिर वाराणसी का पता

नेपाली मंदिर उत्तर प्रदेश के वराणसी के ललिता घाट, लाहौरी टोल के पास स्थित है, जोकि वाराणसी रेलवे जंक्शन से 3.8 km की दूरी पर है.

Timing of Nepali Temple Varanasi | नेपाली मंदिर वाराणसी का समय

वाराणसी के नेपाली मंदिर का समय भी पशुपति नाथ के मंदिर के समान ही रहता है. यह सप्ताह के सातों दिवस सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक और फिर दोपहर 1 बजे से 9 बजे रात तक खुला रहता है.

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