10 Famous Food of Varanasi | The Banarasi Food

वाराणसी गंगा नदी के पावन तट पर बसा भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों और आध्यात्मिक महत्व के कारण केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

तीर्थ स्थलों के साथसाथ वाराणसी अपने अनोखे स्वाद और लज़ीज व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। यहाँ का खानपान इस शहर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। बिना यहाँ के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिए वाराणसी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

यहाँ के पारंपरिक व्यंजन आज भी पुराने तरीकों से तैयार किए जाते हैं, जिससे उनका असली स्वाद आज भी बरकरार है। यही कारण है कि लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं और बारबार इनका आनंद लेने के लिए आते हैं।

इस पोस्ट में हम आपको बनारस के प्रसिद्ध व्यंजनों और उन्हें खाने की सबसे बेहतरीन जगहों के बारे में बताएंगे। जब भी आप वाराणसी आएं, तो हमारे द्वारा बताए गए इन खास व्यंजनों का स्वाद लेना बिल्कुल भूलें।

Varanasi Famous Food/वाराणसी के प्रसिद्ध व्यंजन

1- कचौड़ी सब्जी

वाराणसी में कचौरी–सब्ज़ी सिर्फ़ एक नाश्ता नहीं, बल्कि बनारस की गलियों की खुशबू और अनुभव है। जब आप इस आध्यात्मिक शहर की पुरानी सड़कों पर घूमते हैं, तो ताज़ी और कुरकुरी कचौरी की महक आपको अपनी ओर खींच लेती है।

यह व्यंजन यहाँ की चहल-पहल भरी गलियों में मिलने वाले सबसे पसंदीदा नाश्तों में से एक है। बनारस की खासियत भी यही है कि जितना आप इसकी संकरी गलियों में आगे बढ़ते हैं, उतना ही आप यहाँ के स्वाद और माहौल के दीवाने होते जाते हैं।

वाराणसी की पाक परंपरा में कचौरी–सब्ज़ी का एक लंबा और खास इतिहास रहा है। माना जाता है कि इसे मारवाड़ी समुदाय अपने साथ लाया था, जो कई सदियों पहले बनारस में आकर बस गया था। कचौरी की उत्पत्ति राजस्थान में मानी जाती है, जो अपने पारंपरिक स्नैक्स और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध है।

शुरुआत में कचौरी को इस तरह तैयार किया जाता था कि वह लंबे समय तक सुरक्षित रह सके, जिससे यह यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक आदर्श भोजन बन गया। समय के साथ यह व्यंजन लोगों के दिलों में बस गया और आज बनारस का एक बेहद लोकप्रिय और पसंदीदा स्वाद बन चुका है।

कहाँ खाये – राम कचौड़ी भंडार: Katra Ratanlal, Thatheri Bazar, Govindpura, Varanasi, Uttar Pradesh 221001

2- वाराणसी का मलइयो

मलइयो एक ऐसी देसी मिठाई है जो मुंह में पानी ला देती है और खासतौर पर वाराणसी में ही सर्दियों के मौसम (नवंबर के मध्य से मार्च के शुरुआती दिनों तक) में मिलती है। यह अनोखी और बेहद खास मिठाई सदियों से कुछ पारंपरिक विक्रेताओं द्वारा सड़कों पर बेची जाती रही है।

मलइयो दरअसल दूध से बना हल्का और झागदार मीठा व्यंजन है, जिसे छोटे मिट्टी के कुल्हड़ में पिस्ता और बादाम से सजाकर परोसा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट है—यह बेहद नाजुक, मुलायम और बादलों जैसी हल्की होती है, जो मुंह में जाते ही घुल जाती है और एक अलग ही आनंद का अनुभव कराती है।

इसे आमतौर पर सुबह के समय, लगभग 11 बजे तक ही बेचा जाता है, क्योंकि जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, इसका झाग पिघलने लगता है।

अगर आप कभी वाराणसी आएं, तो इस खास सर्दियों की मिठाई मलइयो का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें—यह अनुभव आपको लंबे समय तक याद रहेगा।

कहाँ खाये – मार्कण्डेय की मलइयो: चौखम्बा रोड वाराणसी

3- टमाटर चाट

टमाटर चाट पूरी तरह से बनारस की एक अनोखी खोज है। इसकी शुरुआत केशरी दीनानाथ चाट भंडार जैसी पुरानी और प्रसिद्ध दुकान से मानी जाती है। टमाटर चाट का स्वाद तीखापन और हल्की मिठास का बेहतरीन मेल होता है, जिसका कोई मुकाबला नहीं है। इसका असली स्वाद आपको सिर्फ वाराणसी में ही चखने को मिलता है।

टमाटर चाट बनाने की प्रक्रिया भी इसे खास बनाती है। इसे लोहे के तवे पर तैयार किया जाता है, जहाँ पहले घी गर्म किया जाता है। फिर उसमें हींग, अदरक और हरी मिर्च डालकर भुना जाता है। इसके बाद भुना जीरा पाउडर, धनिया, हल्दी, काली मिर्च, गरम मसाला, लाल मिर्च, सूखा अमचूर और काला नमक जैसे मसाले मिलाए जाते हैं।

इसके बाद इसमें टमाटर प्यूरी और ताजे कटे हुए टमाटर डालकर अच्छी तरह पकाया जाता है, जब तक वह गल न जाए। फिर इसमें मसले हुए आलू और सफेद मटर मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और गाढ़ापन बढ़ जाता है।

अंत में इस गर्मागर्म मिश्रण को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है। ऊपर से घी, हल्की चीनी की चाशनी, कटा हुआ धनिया और नींबू का रस डाला जाता है, जो इसे एक शानदार फ्लेवर देता है। इसके साथ सेव और कुचले हुए गोलगप्पे डालकर इसे सजाया जाता है। कुछ जगहों पर इसमें पनीर के टुकड़े भी डाले जाते हैं।

टमाटर चाट का हर एक कौर बनारस के अनोखे स्वाद और परंपरा का अनुभव कराता है।

कहाँ खाये – दीना चाट भंडार: Luxa Rd, near PDR mall, Luxa, Varanasi, Uttar Pradesh 221001

4- वाराणसी का पान

बनारसी पान कोई नया व्यंजन नहीं, बल्कि यह उतना ही प्राचीन है जितना काशी (वाराणसी) स्वयं। मान्यता है कि बनारस का पान भगवान भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, पान का पहला बीज भगवान शिव और माता माता पार्वती ने हिमालय के एक पर्वत पर बोया था। इसी कारण पान के पत्ते को पवित्र माना जाता है और आज भी धार्मिक अनुष्ठानों में इसका विशेष महत्व है।

बनारसी पान देखने में भले ही साधारण पान जैसा लगे, लेकिन इसकी खासियत इसकी तैयारी और स्वाद में छिपी होती है। पान के पत्तों में कत्था, चूना, सुपारी, तंबाकू (या बिना तंबाकू के विकल्प) और अन्य सामग्री भरी जाती है, लेकिन इन्हें तैयार करने की प्रक्रिया इसे अलग बनाती है।

बनारसी पान बनाने में काफी मेहनत लगती है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को कई दिनों तक भिगोया, छाना और विशेष तरीकों से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि जब यह पान आपके मुंह में जाता है, तो उसका स्वाद और खुशबू एक अलग ही अनुभव देती है।

कहाँ खाये – केशव ताम्बूल भंडार:Swastik Plaza, Lanka Rd, Near Ravidas Gate, Anandbagh, Lanka, Varanasi, Uttar Pradesh 221005

5- वाराणसी की लस्सी व् ठंडाई

बनारसी लस्सी की अपनी एक अलग पहचान है। यह अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में कहीं अधिक स्वादिष्ट और संतोषजनक पेय माना जाता है। जब पर्यटक वाराणसी की गलियों में घूमते-घूमते थक जाते हैं, तो उन्हें सबसे पहले बनारसी लस्सी ही याद आती है। खासकर गर्मियों के मौसम में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है।

बनारसी लस्सी की खासियत इसकी अनोखी रेसिपी में छिपी है। इसे दूध, दही, मलाई और रबड़ी जैसी पौष्टिक चीजों से तैयार किया जाता है। यह एक ठंडा और ऊर्जा देने वाला पेय है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाता है और ताजगी से भर देता है। इसे बनाने में लगभग 10 मिनट का समय लगता है, और जितना ज्यादा इसे मथा जाता है, उतना ही इसका स्वाद बढ़ता है।

वहीं ठंडाई भी वाराणसी का एक लोकप्रिय पेय है। इसे ठंडाई मसाला, काजू, बादाम, गुलाब आदि को पीसकर बनाया जाता है और फिर पानी व चीनी के शरबत में मिलाया जाता है। कुछ लोग इसमें स्वाद के लिए भांग भी मिलाते हैं, जो इसे और भी खास बना देता है।

अगर आप कभी वाराणसी आएं, तो यहां की लस्सी और ठंडाई का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें—ये पेय आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देंगे।

कहाँ खाये – पहलवान लस्सी: महामना रोड, लंका, वाराणसी

6- बाटी चौखा

बाटी चोखा बनारस का एक बेहद खास और पारंपरिक व्यंजन है। वाराणसी की गलियों और घाटों पर यह आसानी से मिल जाता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

इस व्यंजन में मसालेदार चोखा और देसी घी में डूबी हुई सत्तू से भरी बाटी परोसी जाती है, जिसे तली हुई मिर्च के साथ खाया जाता है। बाटी को आटा और चने के सत्तू से तैयार किया जाता है, और फिर इसे गोबर के उपलों की धीमी आंच पर सेककर इसका असली स्वाद लाया जाता है।

वहीं चोखा बनाने के लिए बैंगन और टमाटर को भूनकर उसमें मसाले मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। देसी तरीके से तैयार किया गया यह बाटी-चोखा एक अलग ही स्वाद और खुशबू देता है, जो बनारस की पारंपरिक खानपान संस्कृति को दर्शाता है।

कहाँ खाये – बाटी चौखा रेस्टॉरेंट, तेलिया बाग, वाराणसी

7- लौंगलता

लौंगलता एक पारंपरिक मिठाई है जो खासतौर पर वाराणसी में बनाई जाती है। बनारस का लौंगलता अपने अनोखे स्वाद और बनावट के कारण बेहद प्रसिद्ध है।

यह मिठाई इतनी खास मानी जाती है कि इसे यहाँ की मिठाइयों की “महारानी” भी कहा जाता है। वाराणसी में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने लौंगलता का स्वाद न चखा हो।

लौंगलता मुख्य रूप से मैदा, खोया और चाशनी से तैयार की जाती है। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनत भरी होती है, जिसमें खास तकनीक और धैर्य की जरूरत होती है। यही कारण है कि बनारस में मिलने वाला लौंगलता स्वाद में बेहद लाजवाब होता है।

अगर आप कभी वाराणसी आएं, तो इस खास लोकल मिठाई का स्वाद जरूर लें, क्योंकि ऐसा असली बनारसी लौंगलता आपको कहीं और आसानी से नहीं मिलेगा।

कहाँ खाये – राजबन्धु, कचौड़ी गली, वाराणसी

8- चूड़ा मटर

चूड़ा मटर को वाराणसी का पोहा संस्करण कहा जा सकता है, जो स्वाद में बेहद लाजवाब होता है। यह एक लोकप्रिय नाश्ता है जिसे खासतौर पर ताज़ी हरी मटर, धनिया, मसालों और चावल के चूड़ा (पोहा) के साथ तैयार किया जाता है।

चूड़ा मटर बनारस के प्रसिद्ध नाश्तों में से एक है, जो आपको सुबह के समय घाटों पर या शहर की गलियों में कई दुकानों पर आसानी से मिल जाएगा। इसकी सादगी और स्वाद ही इसे खास बनाते हैं।

यह व्यंजन मुख्य रूप से सर्दियों में ज्यादा मिलता है, क्योंकि उस समय ताज़े हरे मटर और नए चावल बाजार में उपलब्ध होते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

अगर आप सर्दियों के मौसम में वाराणसी आएं, तो इस पारंपरिक और स्वादिष्ट चूड़ा मटर का आनंद लेना बिल्कुल न भूलें।

कहाँ खाये –दीना चाट भंडार: Near PDR Mall, Luxa, Varanasi

9- सफ़ेद माखन टोस्ट

सफ़ेद माखन टोस्ट वाराणसी का एक खास स्ट्रीट फूड है, जिसे कुछ स्थानीय दुकानदारों की अनोखी खोज माना जाता है। यह साधारण दिखने वाला नाश्ता अपने स्वाद और खुशबू के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

लक्ष्मी चाय वाले इस स्वादिष्ट सफ़ेद माखन टोस्ट के लिए एक प्रसिद्ध जगह है। मलदहिया के पास स्थित यह दुकान सुबह-सुबह ताज़ा नाश्ता परोसती है और यहाँ की चाय के साथ यह टोस्ट लोगों की पहली पसंद बन जाता है।

यहाँ ब्रेड को पारंपरिक तरीके से कोयले की भट्टी पर टोस्ट किया जाता है, जिससे इसमें एक अलग ही स्मोकी फ्लेवर आ जाता है। इसके बाद उस पर ताज़ा बना सफ़ेद या पीला मक्खन उदारता से लगाया जाता है, जिसकी खुशबू और स्वाद बेहद आकर्षक होता है।

आप अपनी पसंद के अनुसार इसे चीनी या चाट मसाले के साथ भी खा सकते हैं, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देता है। अगर आप वाराणसी आएं, तो इस सरल लेकिन लाजवाब नाश्ते का आनंद जरूर लें।

कहाँ खाये – लक्ष्मी चाय, मलदहिया वाराणसी

10- लाल पेड़ा

अगर आप मिठाइयों के शौकीन हैं और वाराणसी में कुछ खास और पारंपरिक स्वाद की तलाश कर रहे हैं, तो उदय श्री मिष्ठान भंडार (प्राचीन लाल पेड़ा की दुकान) ज़रूर ट्राय करें। यह दुकान अपने मशहूर लाल पेड़े के लिए जानी जाती है, साथ ही यहाँ बर्फी, रसगुल्ला और खोवा वाला लड्डू जैसी कई स्वादिष्ट मिठाइयाँ भी मिलती हैं।

लाल पेड़ा की खासियत यह है कि इसकी शुरुआत इसी दुकान के पूर्वजों द्वारा की गई थी, जो बहुत पहले उदय प्रताप कॉलेज परिसर में अपनी दुकान चलाते थे। तभी से यह स्वाद आज तक लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

यहाँ हर मौसम के अनुसार अलग-अलग मिठाइयाँ खास मानी जाती हैं—गर्मियों में लाल पेड़ा और खोवा लड्डू, जबकि सर्दियों में गाजर का हलवा लोगों की पहली पसंद होता है।

अगर आप वाराणसी आएं, तो इस ऐतिहासिक और स्वादिष्ट मिठाई का अनुभव लेना बिल्कुल न भूलें।

Address: U.P College Gate Ke Pass, Bhojuveer, Varanasi, Uttar Pradesh 221002

हमने इस पोस्ट में आपको वाराणसी के फेमस खान- पान के बारे में बताया ताकि आप जब भी बनारस आये तो यहां के व्यंजनों का सही से आनंद ले सके। कहा भी जाता है बनारस आये और यहाँ के जायकों का आनंद नहीं लिया तो काशी दर्शन अधूरा है। हमने आपको इस लिस्ट में दस पकवानो के बारे में बताया लेकिन इसके अलावा भी बहुत से बनारसी आइटम्स है जिन्हे लोग बड़े चाव से खाते है। आप खुद बनारस की गलियों को घूमे और हमारे द्वारा बताये गए आइटम्स से अलग आपको कुछ अच्छा लगे तो हमें कमेंट करके जरूर बताये।  

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