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ToggleBharat Mata Mandir Banaras/ Varanasi Bharat Mata Temple- भारत माता मंदिर
भारत में एक ऐसा अनोखा मंदिर भी है जो किसी देवी–देवता को समर्पित नहीं है और जहाँ किसी मूर्ति की स्थापना नहीं की गई है। यह विशेष मंदिर हमारे देश के सम्मान और राष्ट्रभक्ति को समर्पित है। यहाँ मूर्ति के स्थान पर स्वतंत्रता से पहले के भारत का मानचित्र स्थापित किया गया है, जो देश की एकता और गौरव का प्रतीक माना जाता है।
यह मंदिर Bharat Mata Temple के नाम से प्रसिद्ध है और तीर्थों की नगरी Varanasi में स्थित Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith परिसर में बना हुआ है। यह स्थान देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जाता है, जहाँ आने वाले लोग भारत माता के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करते हैं।
Address Of Bharat Mata Mandir- भारत माता मंदिर का पता
Vidyapeeth Road, Cannt Road Lalapura, Chanuwasatti Chandua Chittupur, Guru Nanak Nagar Colony, Chetganj, Varanasi, Uttar Pradesh 221001
Bharat Mata Mandir Varanasi Timings- भारत माता मंदिर का समय
मंदिर सातों दिन सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुलता है. बिना किसी एंट्री फीस के जा सकते हैं.
History Of Bharat Mata Mandir- भारत माता मंदिर का इतिहास
Bharat Mata Temple का निर्माण स्वतंत्रता आंदोलन के समय प्रसिद्ध समाजसेवी Babu Shiv Prasad Gupta द्वारा कराया गया था। इस मंदिर की नींव वर्ष 1918 में रखी गई थी और इसका निर्माण कार्य 1924 में पूरा हुआ। उस समय देश में आज़ादी के लिए आंदोलन तेज़ हो रहा था और Mahatma Gandhi इसके प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में से थे।
इस मंदिर का उद्घाटन 25 अक्टूबर 1936 को स्वयं महात्मा गांधी द्वारा किया गया था। आज भी बाबू शिव प्रसाद गुप्ता का परिवार इस मंदिर की देखरेख और व्यवस्था संभालता है।
मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर बीसवीं सदी के प्रसिद्ध कवि और राष्ट्रीय कवि Maithili Sharan Gupt ने एक कविता भी लिखी थी। यह कविता आज भी मंदिर परिसर में लगे बोर्ड पर अंकित है, जिसे आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक पढ़ सकते हैं।
Architecture Of Bharat Mata Mandir- भारत माता मंदिर का बनावट
Bharat Mata Temple, जो Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith परिसर में स्थित है, गुलाबी पत्थरों से निर्मित एक भव्य और अनोखी दो मंज़िला इमारत के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर के निर्माण में लगभग 25 शिल्पकारों और 30 मजदूरों ने Durga Prasad Khatri की देखरेख में करीब छह वर्षों तक कार्य किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर “वन्दे मातरम्” लिखा हुआ है, जो देशभक्ति की भावना को दर्शाता है।
मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही एक विशाल हॉल दिखाई देता है। इसी हॉल के केंद्र में संगमरमर को तराश कर बनाया गया भारत का एक विशाल मानचित्र स्थापित है, जो इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है। यह मानचित्र भारत के स्वतंत्रता से पहले के स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें वर्तमान के Pakistan, Bangladesh, Afghanistan, Myanmar, Sri Lanka और बलूचिस्तान क्षेत्र भी शामिल दिखाए गए हैं।
यह मानचित्र उस समय के अनुसार त्रि–आयामी (3D) रूप में बनाया गया था, जिसमें लगभग 450 पर्वत श्रृंखलाएँ, चोटियाँ, नदियाँ, तालाब, पठार, महासागर और जंगल उनकी वास्तविक ऊँचाई, गहराई और विस्तार के साथ दर्शाए गए हैं। यह मानचित्र लगभग 32 फीट लंबा और लगभग 30 फीट चौड़ा है तथा इसे 762 वर्गों (स्क्वायर) में विभाजित किया गया है।
मानचित्र के चारों ओर रेलिंग लगाई गई है, जिससे इसे बाहर से ही देखा जा सकता है। राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर मानचित्र के जल वाले भागों में पानी भरा जाता है और सूखी भूमि वाले भागों को फूलों और पत्तियों से सजाया जाता है, जिससे यह दृश्य और भी आकर्षक बन जाता है।
Conclusion-
भारत माता मंदिर धार्मिक आस्था से कहीं ऊपर देशप्रेम की भावना को प्रज्वलित करता है यहाँ जाकर आप अपने देश प्रति गर्व की भावना से होतपोत हो जाते हैं, उम्मीद है कि आपको यह लेख पढ़ कर भारत माता मंदिर जाने की लालसा जागी होगी, हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद.