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Toggleधमेक स्तूप (Dhamek Stupa) – सारनाथ
धमेक स्तूप उत्तर प्रदेश के सारनाथ में स्थित एक प्रमुख बौद्ध स्मारक है, जो वाराणसी से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
सारनाथ का बौद्ध धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद पहली बार धर्म का उपदेश दिया था, जिसे “धर्मचक्र प्रवर्तन” कहा जाता है।
धमेक स्तूप बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह ऐतिहासिक स्मारक न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी प्राचीन वास्तुकला और शिल्पकला के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन और भ्रमण के लिए आते हैं।
कहाँ स्थित है धमेक स्तूप-dhamek stupa kahan hai
धमेक स्तूप उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित सारनाथ में स्थित है।
यह स्थान बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और यहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
धमेक स्तूप का निर्माण -Dhamek Stupa built by
धमेक स्तूप वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और सारनाथ का सबसे महत्वपूर्ण स्तूप माना जाता है। इसके आसपास कई छोटे–छोटे स्तूप भी बने हुए हैं, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
यही वह पवित्र स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने अपने शिष्यों को पहला उपदेश दिया, जिसे “धर्मचक्र प्रवर्तन” और अष्टांग मार्ग की शिक्षा के रूप में जाना जाता है।
धमेक स्तूप का निर्माण तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व (लगभग 249 BCE) में महान मौर्य सम्राट सम्राट अशोक द्वारा करवाया गया था। इसके निकट ही अशोक स्तंभ सारनाथ भी स्थित है, जो इस स्थान की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को और बढ़ाता है।
इसके अलावा, सारनाथ में कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
धमेक स्तूप की संरचना (Dhamek stupa Architecture)
धमेक स्तूप ईंटों और पत्थरों से बनी एक विशाल बेलनाकार संरचना है, जिसकी ऊँचाई लगभग 43.6 मीटर और व्यास करीब 28 मीटर है। यह सारनाथ की सबसे बड़ी और प्रमुख संरचनाओं में से एक मानी जाती है।
इस स्तूप पर फूलों, मनुष्यों और पक्षियों की बेहद सुंदर नक्काशी की गई है, जो इसकी कलात्मकता को दर्शाती है। साथ ही, यहाँ ब्राह्मी लिपि में शिलालेख भी अंकित हैं, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाते हैं।
इतिहास के दौरान धमेक स्तूप का लगभग छह बार विस्तार किया गया, लेकिन इसके बावजूद इसका ऊपरी भाग आज भी अधूरा माना जाता है।
धमेक स्तूप टिकट (Dhamek Stupa Ticket)
भारतीय पर्यटक – 20 रूपए
विदेशी पर्यटक – 100 रूपए
धमेक स्तूप घूमने का समय (Dhamek stupa visit Timing)
धमेक स्तूप सप्ताह के सभी दिन पर्यटकों के लिए खुला रहता है।
- खुलने का समय: सुबह 6:00 बजे
- बंद होने का समय: शाम 5:00 बजे
इस दौरान आप यहाँ आकर इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल की सुंदरता तथा शांति का अनुभव कर सकते हैं।
धमेक स्तूप घूमने का उत्तम समय (Best time to visit Dhamek Stupa)
धमेक स्तूप और सारनाथ घूमने के लिए आप साल भर कभी भी जा सकते हैं।
हालांकि, यदि आप यहाँ की सांस्कृतिक और धार्मिक भव्यता को करीब से अनुभव करना चाहते हैं, तो बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आना सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन गौतम बुद्ध के जन्मदिवस के रूप में विशेष उत्सव मनाया जाता है और उनके उपदेशों को याद किया जाता है।
इस समय पूरे सारनाथ का वातावरण आध्यात्मिक और उत्सवपूर्ण हो जाता है, जो आपके भ्रमण को और भी खास बना देता है।
धमेक स्तूप कैसे पहुंचे (How to reach Dhamek Stupa)
फ्लाइट द्वारा – फ्लाइट द्वारा वाराणसी एयरपोर्ट से सारनाथ पहुंच सकते है और वहां से आसानी दे धमेक स्तूप पहुंच सकते है। वाराणसी एयरपोर्ट से धमेक स्तूप की दूरी 24 किलोमीटर ।
ट्रैन द्वारा – ट्रैन द्वारा वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उतर कर आसानी से धमेक स्तूप पहुंच सकते है। वाराणसी रेलवे स्टेशन से धमेक स्तूप की दूरी 9 किलोमीटर।