Panchganga Ghat Varanasi: क्यों कहा जाता है इसे पंच गंगा घाट जानिये रहस्य

पंचगंगा घाट वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों में से एक है। यहाँ पर विशेष अवसरों और पर्वो के दौरान धार्मिक स्नान का विशेष महत्व है।

Address: पंचगंगा घाट सोनार पुरा रोड, बंगाली टोला, वाराणसी, उत्तरप्रदेश में स्थित है।

पंचगंगा घाट इतिहास

पंचगंगा घाट वाराणसी के प्राचीन और महत्वपूर्ण घाटों में से एक है। इस घाट का नामपंचगंगाइसलिए पड़ा, क्योंकि मान्यता है कि यहाँ पाँच नदियोंगंगा, यमुना, सरस्वती, धूतपापा और किरानाका संगम होता है। इनमें से केवल गंगा की धारा ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देती है, जबकि अन्य नदियाँ अदृश्य रूप में प्रवाहित मानी जाती हैं। इसी कारण यह घाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत प्रसिद्ध है।

इसके साथ ही, इस स्थल का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। माना जाता है कि यहीं संत रामानंद जी ने कबीर दास जी को शिक्षा दी थी। इसी स्थान पर गोस्वामी तुलसीदास जी नेविनय पत्रिकाकी रचना भी की थी, जिससे इस घाट की महत्ता और बढ़ जाती है।

पंचगंगा घाट के निकट मुख्य आकर्षण

पंचगंगा घाट के निकट घूमने के लिए अनेक स्थान है। यह सभी स्थान पंचगंगा घाट  के निकट आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

  • नेपाली मंदिर 
  • सिंधिया घाट    
  • बेनी माधव मंदिर
  • आलमगीर मस्जिद
  • बनारस टॉय म्यूजियम   

पंचगंगा घाट घूमने का उत्तम समय-Best Time to Visit Panchganga Ghat

पंचगंगा घाट की यात्रा वर्ष के किसी भी समय की जा सकती है। हालांकि, यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक होता है और इस समय घूमने का अनुभव अलग ही आनंद देता है।

इसके अलावा, विभिन्न हिन्दू पर्वों और धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु यहाँ पवित्र स्नान के लिए भी आते हैं, जिससे इस घाट का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

कैसे पहुंचे पंचगंगा घाट

बस द्वारा, चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से पंचगंगा घाट पंहुचा जा सकता है। चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से पंचगंगा घाट की दूरी 4 किलोमीटर है।

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