Vishwanath Temple BHU : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित बाबा भोलेनाथ मंदिर

श्री विश्वनाथ मंदिर (Vishwanath Temple BHU) वाराणसी के Banaras Hindu University (BHU) परिसर में स्थित एक प्रसिद्ध और भव्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अपनी विशाल संरचना, सुंदर वास्तुकला और आध्यात्मिक वातावरण के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

यह मंदिर वाराणसी जंक्शन से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर दूर से ही अपनी भव्यता के कारण ध्यान आकर्षित करता है। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थान शांत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए भी जाना जाता है।

इस मंदिर को आमतौर पर बिड़ला मंदिर भी कहा जाता है, क्योंकि इसके निर्माण में प्रसिद्ध उद्योगपति घनश्याम दास बिड़ला (Ghanshyam Das Birla) और उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

History Of Vishwanath Temple | विश्वनाथ मंदिर का इतिहास

काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। इतिहास में कई बार मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और समय-समय पर इसका पुनर्निर्माण किया गया।

कहा जाता है कि 12वीं शताब्दी में हुए आक्रमणों के दौरान मंदिर को नुकसान पहुंचा था। बाद में विभिन्न शासकों के काल में भी मंदिर को कई बार क्षति पहुंचाई गई।

20वीं शताब्दी में महान शिक्षाविद् और स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय ने Banaras Hindu University के परिसर में काशी विश्वनाथ मंदिर के समान एक भव्य मंदिर बनाने का विचार रखा। इस योजना को साकार करने में बिड़ला परिवार ने आर्थिक सहयोग दिया।

मंदिर के निर्माण की नींव 1931 में रखी गई और कई वर्षों की मेहनत के बाद यह भव्य मंदिर 1966 में पूर्ण रूप से तैयार हुआ। आज यह वाराणसी के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

Architrcture Of Vishvanath Temple | विश्वनाथ मंदिर की बनावट

श्री विश्वनाथ मंदिर BHU भारत के ऊँचे शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। मंदिर की ऊँचाई लगभग 76 मीटर है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाती है।

मंदिर की प्रमुख विशेषताएँ:

  • मंदिर मुख्य रूप से सफेद संगमरमर से बना है

  • परिसर में कुल 9 छोटे-बड़े मंदिर स्थित हैं

  • मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग के रूप में बाबा विश्वनाथ विराजमान हैं

  • मंदिर परिसर में कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं

मंदिर में स्थापित प्रमुख देवता:

  • भगवान शिव

  • माता पार्वती

  • गणेश जी

  • नटराज

  • माँ सरस्वती

  • पंचमुखी महादेव

  • भगवान हनुमान

  • नंदी महाराज

मंदिर के प्रथम तल पर लक्ष्मी-नारायण की सुंदर प्रतिमाएँ भी स्थापित हैं।

मंदिर के गलियारों की वास्तुकला भी बेहद आकर्षक है। यहाँ बने मेहराबदार गलियारों में 108 रुद्राक्ष के प्रतीकात्मक चिन्ह बनाए गए हैं, जो इसकी आध्यात्मिक सुंदरता को और बढ़ाते हैं।

विश्वनाथ मंदिर BHU की विशेषताएँ

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसकी भव्यता, ऊँचाई और शांत वातावरण है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • सफेद संगमरमर से निर्मित विशाल मंदिर

  • लगभग 76 मीटर ऊँचा शिखर

  • एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर

  • आध्यात्मिक और शांत वातावरण

  • BHU परिसर में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल

रात्रि के समय मंदिर को विशेष रोशनी से सजाया जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है।

विश्वनाथ मंदिर BHU की विशेषताएँ

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसकी भव्यता, ऊँचाई और शांत वातावरण है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • सफेद संगमरमर से निर्मित विशाल मंदिर

  • लगभग 76 मीटर ऊँचा शिखर

  • एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर

  • आध्यात्मिक और शांत वातावरण

  • BHU परिसर में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल

रात्रि के समय मंदिर को विशेष रोशनी से सजाया जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है।

विश्वनाथ मंदिर BHU का पता

श्री विश्वनाथ मंदिर
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

विश्वनाथ मंदिर BHU का समय

मंदिर के दर्शन का समय:

  • सुबह: 4:00 बजे

  • रात: 11:00 बजे तक

मंदिर में प्रतिदिन विभिन्न आरतियाँ आयोजित की जाती हैं।
मंगल आरती का समय प्रातः लगभग 3 बजे होता है।

निष्कर्ष

श्री विश्वनाथ मंदिर BHU वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी विशाल संरचना, सुंदर वास्तुकला और शांत वातावरण के कारण भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

यदि आप वाराणसी घूमने आते हैं, तो इस भव्य मंदिर के दर्शन अवश्य करें। यहाँ का आध्यात्मिक वातावरण मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

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