Aadi Keshav Ghat Varanasi: इस घाट पर भगवान् विष्णु के पद्चिन्ह कैसे आये जानिए

आदि केशव घाट वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों में से एक है। यहाँ दर्शन और स्नान का विशेष महत्व है। 

Address: आदि केशव घाट, खालिसपुर, वाराणसी, उत्तरप्रदेश में स्थित है।

आदि केशव घाट इतिहास

आदि केशव घाट को गंगा-वरुणा संगम घाट के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह पवित्र स्थल गंगा और वरुणा नदियों के संगम पर स्थित है। इस घाट का उल्लेख प्राचीन ग्रंथ मत्स्य पुराण में भी मिलता है, जो इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है।

मान्यता है कि भगवान शिव की आज्ञा से जब भगवान विष्णु पहली बार काशी आए थे, तो उन्होंने इसी स्थान पर कदम रखा था। कहा जाता है कि यहाँ आज भी भगवान विष्णु के पावन पदचिह्न मौजूद हैं, जिन्हें श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा से देखते हैं।

यहीं पर भगवान विष्णु ने अपने आदि केशव स्वरूप की प्रतिमा स्थापित की थी, जो आज भी आदि केशव मंदिर में विराजमान है। इसी कारण इस घाट का नाम आदि केशव घाट पड़ा।

आदि केशव घाट के निकट मुख्य आकर्षण

आदि केशव घाट के निकट घूमने के लिए अनेक स्थान है। यह सभी स्थान आदि केशव घाट के निकट आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

ज्ञान केशव  मंदिर 

संगमेश्वर  मंदिर     

गणेश पंचदेवता मंदिर 

आदि केशव घाट घूमने का उत्तम समय

आदि केशव घाट की यात्रा वर्ष भर किसी भी समय की जा सकती है। हालांकि, हिन्दू त्योहारों और पवित्र महीनों के दौरान यहाँ आने का विशेष महत्व माना जाता है। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर गंगावरुणा संगम में स्नान करते हैं।

यह स्थान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यहाँ किया गया स्नान पवित्र तथा पुण्यदायक माना जाता है।

कैसे पहुंचे आदि केशव घाट

बस द्वारा, चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से आदि केशव घाट पंहुचा जा सकता है। चौधरी चरण सिंह बस अड्डे से आदि केशव घाट की दूरी 6 किलोमीटर है।

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